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Thursday, 23 January 2014

On the set of Satyamev Jayate season 2 with aamir khan :)


Yesterday meet aamir khan on the set of Satyamev Jayate season 2 at Yashraj studio & believe me I learned very much from him & also learned why aamir is real ace of Bollywood. let me explain you in detail how his philosophy is different from others. I am doing filmmaking direction course & use to go as a audience in many program's set like Dance India Dance,Nach Baliye, Kon Banega Crorepati. what I find amazing on Satyamev Jayate is humble treatment of aamir khan with the common audience. when I went on other programs set, the floor director & crowd handler treating common audience like no brain creatures, they was giving about half an hour long lecture & dictate audience how to laugh, how to applause, how to clap, how to cheer etc. they was dictating in the manner that audience have no sense, no brain only they have great sense of art. Satyamev Jayate have totally different story. there was no lecture no guidelines for common audience how to clap or how to show facial expressions. aamir instruct his team that the emotions comes natural & I don't want artificial expressions from common audience. I think he is very much perfect, the feeling of each & every person have same. a poor person react on sad or happy moment same as a rich do, may be the level is different & I think instructing a common man or common audience that show your expressions what he wants is totally nonsense. In other shows the floor director went crazy when the host was coming on stage they instruct audience applause very loud but on Satyamev Jayate there was totally different story aamir khan was coming on set without showing any celebrity status. He told that true celebrity is his audience. the audience really enjoyed his hosting of the show. I too really enjoyed very much seeing his hosting hours after hours after hours. usually people get tired after 4-5 hours to sit in any show but the Satyamev Jayate shooting was about 10 hours long & no one was tired. it is only because aamir khan simplicity & his care towards his fans & audience. We use to say "jaisa raaja waisi praja" & it is totally true in aamir khan production house too. all the team of aamir khan is as simple, humble, sincere & perfectionist like him. whole team was dedicated to their work there was no show off his stardom, no rudeness, no disrespect, everything was in perfect manner & I think even much more better & systematic than any other TV shows & want to say one more thing what a carrying person aamir is for his fans & audience that he arranged one time breakfast, 2 time food & 2 time tea. the food was very delicious & hygienic & at the end they gift us priceless mug autographed by aamir khan. May be the mug has price but aamir's love & affection towards his fans & audience is just priceless. thanx aamir to show your true love towards your fans & common Indian people. you are true Indian & program you made not to make money but to guide & help the common Indian people. it is very much true that no one can buy aamir in the film industry, he work only when its subject felt inside his heart. I want to discuss more about the program's subject but aamir request to his fans & audience not to disclose subject before telecast of the show & as a true & big fan of him I will keep the promise. I will discuss the topic later. if anything I missed there was just to click photo with him. I think sometime God just leave something for tomorrow. Hope one day I will direct film with aamir khan & he will walk toward me to click photo with me. It is always good to dream big because without any dream you have no goal. The future belongs to those who believe in the beauty of their dreams & All our dreams can come true, if we have the courage to pursue them.. Good Night :)

Tuesday, 21 May 2013

TRUTH BEHIND LBT AGITATION IN MAHARASHTRA, MAHARASHTRA ME LBT ANDOLAN KA KALA SACH, महाराष्ट्र के एल.बी.टी आंदोलन का काला सच

महाराष्ट्र के एल.बी.टी आंदोलन का काला सच- क्या गेम खेला कॉंग्रेस सरकार ने, पूरा मैच ही फिक्स कर डाला हमारे शरद पवार साहब ने. आज पहली बार मुझे ये अहसास हुआ है की एक आम इंसान की इस देश मे क्या हेसियत है. मैने हर दरवाजे पर आवाज़ लगाई चाहे वो नॅशनल मीडीया हो, ओपोजीसन पार्टी हो, मिनिस्ट्री हो या ब्यूरक्रॅट्स हो. एक बात आज अच्छी तरह से समझ मे आ गयी की ये देश डेमॉक्रेटिक देश नही है पर डेमॉक्रेटिक होने के नाम पर एक बहुत बड़ा धब्बा है. यहा जिस तरह ईमान बिकता है उसपर शायद इंसानियत भी शर्मसार हो जाए. यहा मरता हमेशा आम इंसान ही है. आम छोटे-छोटे ट्रेडर्स को 30 दिन बंद करके क्या मिला? हिन्दी मे एक कहावत है की- माल खाए मदारी ओर मार खाए बंदरिया . छोटे व्यापारी एक महीने की हड़ताल रख कर बंद करते है फिर सरकार की तरफ से एक रेप्रेज़ेंटेटिव आता है वो उनके लीडर को अलग कमरे मे ले जाकर गुप्त बाते करता है फिर बाद मे ये फेसला लिया जाता है की सरकार मान नही रही हम 1-2 माँग कम करके समझोता कर देते है. आंदोलन की जो खास बात होती है उसको नही माना जाता पर जो छोटी छोटी बात होती है उनको मान लिया जाता है बाद मे मीडीया मे दिखाया जाता है की सरकार ने व्यापारियो की लगभग सभी बाते मान ली है ओर व्यापारियो की जीत हुई है वास्तविकता क्या है इसे पूरी तरह से छुपाया जाता है. आम लोगो को इससे मतलब नही है की वास्तविकता क्या है बस टीवी पे न्यूज़ चेनल ने दिखा दिया हम जीत गये तो बस हम जीत गये ज़्यादा डीप मे जाने की ज़रूरत नही है. आम लोग दिमाक का ज़्यादा इस्तेमाल करने मे यकीन नही करते बिचारे क्या करे इनको सरकार ने इतना उलझा के रखा है की इनको घर,दफ़्तर ओर अपना छोटा परिवार इससे ज़्यादा सोचने की फ़ुर्सत ही नही है. देश की कौन सोचे उसे सोचने के लिए तो हमारे पॉलिटिशियन्स और हमारी मीडीया है ना हम तो बस बॉलीवुड के हीरो ओर हीरोइन के बारे मे सोचेंगे की वो कैसे नाचते है ओर क्या पहनते है. अक्सर छोटे व्यापारियो ओर ट्रेडर्स के कंधो पर बंदूक रखकर बहुत बड़ा गेम खेला जाता है.यही इस देश की परंपरा है,यही इस देश की डर्ट्री पॉलिटिक्स है. और वाह रे आम जनता वो तो 10 रूपये का टूतपेस्ट भी 100 रुपये मे लेकर के आती है क्यू की वो टीवी पर देखती है की कैसे उसको दातो पर लगाने पर दात चमकने लगते है ओर लड़किया पीछे पड़ जाती है. कभी कभी हँसी आती है तो कभी कभी बहुत दुख होता है की क्या हमारे देश की जनता को मूरख बनाना इतना आसान है? वैसे तो इस देश की जनता एक एक रुपये मे कंजूसी करती है पर 5 रुपये के नींबू पानी की जगह 50 रुपये का लेमन फ्लेवर का कोल्ड ड्रिंक पीने को ज़्यादा पसंद करती है क्यूकी उसने वो टीवी पर देखा है की कैसे कोल्ड ड्रिंक पीकर हीरो एकदम तूफ़ानी बन जाता है. सच देखे तो जितना 5 रुपये का नींबू पानी हेल्दि होता है उतना कोल्ड ड्रिंक भी नही होता वो तो उल्टा नुकसान करता है पर क्या करे हमने टीवी पर देखा  है ओर टीवी पर ग़लत थोड़े ही बताते है. मीडीया मे अक्सर खबर देख कर झट से हम यकीन कर देते है की ये तो महान इंसान है, ये तो देश के भले के लिए सोचता है पर सच्चाई तो कुछ ओर ही होती है वो तो पैसा फेक कर मीडीया मे अपनी तारीफे करवाता है. जो बिचारे सही लोग है वो तो आगे ही नही आ पाते क्यूकी उनके पास तो करप्ट पॉलिटीशियन जीतने पैसे ही नही है,उसने तो जिंदगी भर लोगो की सेवा ही की है इसलिए बिचारे को पैसा इक्कठ्ता करने का मौका ही नही मिल पाया.मौका मिला तो भी उसे सही तरीके से भूना नही पाया क्यूकी उसके लिए तो देश ही सर्वोप्रिय था. आज टीवी पर, मीडीया मे जो भी नेता दिखता है कोई ईमानदार नही है,अगर ईमानदार होता तो वो टीवी पर आ ही नही पाता. टीवी पर ओर मीडीया मे आने के लिए भी इनको करोड़ो अरबो रुपये की बोली लगानी पड़ती है तब कही जाके हमारी ईमानदार मीडीया उसकी तारीफ करती है. हम इस देश मे बस कीड़े मकोड़ो की तरह है. जिस तरह हमारे घर मे कीड़े मकोडे बढ़ जाए तो हम उसकी सफाई करते है, हमारी सरकार को लगता है की आम लोग भी कीड़े मकोड़ो की तरह बहुत बढ़ गये है चलो आज घर को सॉफ किया जाए. फिर ऐसे नियम बनाए जाते है जिससे छोटे-छोटे आम लोगो के धंधे बंद हो जाए ओर उनके पास बचे हुए माल को भी लूट लिया जाए,क्योकि उसके साथ तो कोई हे ही नही. जिस तरह से हम घरो मे मच्छरो को मारने के लिए स्प्रे का यूज करते है वैसे ही ये नये नियम बनाकर उसे स्प्रे की तरह यूज करते है. ये हम जैसे छोटे छोटे ट्रेडर को आम लोगो मे ये दिखाना चाहते है की हम जन विरोधी है, लोगो को परेशान करने मे हमे मज़ा आता है, मीडीया भी सरकार के सुर मे सुर मिलकर लोगो मे ये दिखाने की कोशिश करती है की आम ट्रेडर चोर है, इसको टेक्स नही भरना है, ये सरकार की शराफ़त का ग़लत फ़ायदा उठाते है ओर हड़ताल कर आम लोगो को परेशन करते है. आम लोग इस बात पर यकीन कर हमे गालिया देते है हमे कोसने लगते है, सचाई क्या है ये आम लोगो को भी नही पता पर टीवी पे देखा है, मीडीया ने दिखाया है तो सच ही होगा. आम लोगो से एक छोटा सवाल- हमारी सरकार ने जो नये नियम बनाए है उसके खिलाफ कोई बड़ा शॉपिंग माल या कोई मल्टिनॅशनल कंपनी ने तो हड़ताल नही की फिर आम छोटे-छोटे ट्रेडर्स ने क्यू हड़ताल की? 150000 लोगो पर लाठी चार्ज होता है ओर लगभग 31000 ट्रेडर्स को जैल मे डाला जाता है मीडीया वो नही दिखाती ओर संजय दत्त जैल जा रहा है उसपर पूरे दिन आसू बहाती है, मीडीया भी क्या करे बिचारी उसने भी पैसा खाया है सरकार से एलबीटी आंदोलन पर न्यूज़ नही बताने का. वास्तविकता आम लोगो से छुपा दी जाती है पर वास्तविकता ये है की आम लोग नही जानते की वो ओर हम सब एक ही नाव मे सवार है, अगर हम डूबेंगे तो सब साथ मे डूबेंगे. हम ओर तुम दोनो एक ही है बस यहा तो गेम खेला जा रहा है की फूट डालो ओर राज करो. सरकार अपने प्यादो का बड़ी अच्छी तरह से इस्तेमाल करती है आम लोगो पर की आम लोगो को आम लोग ही दुश्मन नज़र आने लगते है. एलबीटी ओर ओकटरोई पूरे भारत मे कही नही है ये सिर्फ़ महाराष्ट्रा मे ही लगाया गया है,सिर्फ़ महाराष्ट्रा मे क्यू लगाई गयी है, पता नही? सरकार को पैसा चाहिए इस लिए लगा दी डेवेलपमेंट का बहाना करके. सरकार लोगो मे ये बताने की कोशिश करती है की छोटे छोटे आम व्यापारी बहुत बड़े चोर है,बड़े बड़े घोटाले करते है,इनको टेक्स नही भरना,हमने क़ानून लाया है उससे ज़्यादा ट्रॅन्स्परेन्सी आएगी. सच क्या है वो आम जनता को भी पता नही. एक मज़े की बात बताता हू सरकार जब भी टेक्स लाती है उसका तोड़ भी सरकारी बाबू ही देते है वोहि व्यापारियो को ग़लत रास्ता बताते है की आप मेरी थोड़ी जेब गरम करो और आप ऐसे नही वैसे करो ताकि आपको इतना पैसा देना नही पड़ेगा. हमारा टेक्स सिस्टम उपर से नीचे तक भ्रस्त हो चुका है,यहा नियम ट्रॅन्स्परेन्सी के लिए नही ज़्यादा जेब गरम करने के लिए बनता है. दूसरे तरक्कीशील देश जैसे सिंगापुर मे आप देखो तो वहा सिर्फ़ एक टेक्स जीएसटी ही है वो भी सिर्फ़ 7% ओर विदेशी लोग अगर वहा खरीदी करे तो उनके लिए 2% ही है,उन्हे एयरपोर्ट पर रिफंड दिया जाता है. हमारे देश मे सरकार जानबुझ कर ज़्यादा टेक्स रखती है ताकि कोई इंसान ईमानदारी से टेक्स ना भर सके ओर नेताओ से लेकर उनके चम्चे ओर सरकारी बाबुओ तक की जेबे गरम होती रहे. वो आम हिन्दुस्तानी को ईमानदार नही बेईमान बनाना चाहते है. इतिहास गवाह है की आम इंसान कभी आज़ादी की सांस ही नही ले पाया,वो हमेशा घुट घुट के मरा है. पहले वो निर्दय राजाओ के अधीन था फिर मुगलो के बाद मे अंग्रेज़ो के ओर अभी नेताओ के. इस देश मे आम इंसान अपना दिमाक नही चला सकता है अगर नेता कहे दुकान बंद करो तो दुकान बंद करनी पड़ेगी अगर उसने कहा खोलो तो खोलनी पड़ेगी वो कहेंगे तुम हिंदू हो मुसलमानो से नफ़रत करो ओर मुसलमानो से कहेंगे तुम हिन्दुओ से नफ़रत करो तो आम लोगो को वो करना ही पड़ेगा, नही तो चैन से जीने नही दिया जाएगा. इस देश की राजनीति हमेशा से फुट डालो और राज करो पर ही आश्रित रही है. ये है हमारा भारत ओर इसको हम कहते है डेमॉक्रेसी. वेल डन. शाबाश मेरे देश के नेताओ ओर शाबाश मेरे देश की बिकी हुई मीडीया. जय हिंद.


Monday, 6 May 2013

STRIKE IN MAHARASHTRA AGAINST LBT (LOCAL BODY TAX)


Traders in Maharashtra is shutting shops against LBT(Local Body Tax). i think shutting shops will not impact on corrupt government. we must block roads & disturb the route of minister's car. Let the police come & strike with sticks on our forehead, but we will not take our steps back. There must be bloodbath to hear our voice throughout the country. Only closing shops & writing on facebook and social media will not find any solution. We need a permanent solution even if you close your shop for 365 days, then too government will not awake as the government have many sources of income. Frightening common innocent people to shut their Shop for infinite time will not give any solution. If we want to eradicate the problem, then we must catch the problem from root. Ask the government increasing taxes will not increase Revenue as the heavy-duty always invite to heavy corruption. If you increase tax, then only few people will pay tax honestly & most people will give bribe to avoid Pay heavy tax. If you see Singapore it is about half size of mumbai, but this country is ranking 3 in top Richest countries list for 2013 according to highest per capital income basis Read More at richestman2013.com/top-10-richest-countries-in-the-world. & amazing fact about Singapore that there are no other tax except GST that is about 7% & even low for tourist about 2% (giving 5% refund on airport). This country has strongest economy only imposing 7% tax on their people & amusingly the Indian government that imposed 100 kinds of taxes on common people, but still find fund problem to run the governance smoothly. The fact is that Indian government not want to make Indian public honest because if the public will honest, then how will the politician will make money? The Indian politicians want to corrupt common people so that no one can raise voice against the corrupt politicians. Increase taxes will not increase revenue, but it will invite more corruption.



Sunday, 30 December 2012

Incredible India.. Where a girl is neither safe inside a womb, nor outside it


Incredible India.. Where a girl is neither safe inside a womb, nor outside it
Salute to the brave lady of India. Today I am feeling very shameful to being a part in a male dominant society. Most men in India disrespect women. Woman never gets a higher place in our society, every time females suppressed by the devil philosophy. Woman is another name of sacrifice. The brave lady didn’t fight for herself but she fight for every women in India. She did fight against the people who think woman as an object. But disappointingly she lost her battle in male dominant society. Is this India? Instead of rise voice to punish criminals some people start arguing about woman freedom that they must not come out from house at night or not wear western outfits. Shameful thought of shameful people. Is it crime in India to be a woman? What did woman wrong that male dominant society want to snatch all rights from her? It is the worst day for male dominant society. For protest I am changing my facebook image to a black doted image. Great honor to young brave lady.
She didn't die of a 'multi organ failure' but by a 'MultiSystemFai­lure'
If the girl was sent to Singapore for 'better' treatment, the rapists should be sent to Saudi for better justice
No need for tear gas today, Delhi Police. We have enough tears in our eyes already. Pls let us mourn in peace.
 Might be our education system is making good engineers, good doctors BUT need for good human being is required most.

Monday, 10 September 2012

Shameful news for Indian Democracy. Aseem Trivedi arrest for drawing cartoons against corruption.


 Unfortunate & shameful things are happening in Indian democracy, Indian government giving “Biryani” to Pakistani terrorist “Ajmal Kasab” & sending jail to Indian people who is fighting for India. Shameful act by Mumbai police, a politician who delivers always hatred speech & try to divide Indian people, they admire him & other hand slapping charges of Prevention of Insults of National Honour Act, 1971 on cartoonist Aseem Trivedi. It is true that some cartoons are objectionable but police must not react in this manner. It is totally biased retaliation. I & I think everyone against cartoonist Aseem Trivedi’s arrest. It is attack on freedom of expression right; it is against Indian democracy. Indian politicians are “playing” with Indian laws. Indian government Pakistani terrorists ko “biryani” khilati hai or Indian public ko “lathiya” khilati hai. Shameful, shameful, shameful… We must raise our voice against injustice. Jai Hind.

Saturday, 18 August 2012

Indian Politicians want to ban on social networking sites like Facebook & twitter.


Hey! A strange & dishonest remark on social networking sites by some of our Indian politicians. Mr. Ramgopal Yadav from SP suggest in parliament that we must ban on social networking sites like facebook & twitter because it spreading rumor 
about “Assam riot”. It is totally intolerable to blame on facebook & twitter. I think rumors never spread by social networking sites because mostly educated people surf on internet & they never believe & support senseless, baseless rumors. Spreading rumors is uneducated morons’ occupation. If you remember a biggest rumor spread that Ganpati’s idol drinking milk on 1995. People waste about million litters of milk, no social networking sites ever come in origin till 1995. I think Social networking sites are not working as a rumor spreading machine but it is a medium to express common man feelings on currant event. Many politicians are frustrated by social networking sites because first time ever all religion, all caste and all state people come in one roof to fight against corruption. Internet gives a new definition on freedom of common man. If our government ever considers banning on social networking sites, we must unite & protest against their decision. They will go further if we not stop them now. Most parliamentary members are involve in big scams, what will happen if Indian public question that most scams happen by members of parliament so ban the parliament to save India. I think as a parliament is necessary to advance the India same as social networking sites are necessary to express public opinion. Social networking sites are real strength of common public, banning on the social sites is like banning on “freedom of expression” right. Whatever religion of anyone, all the Indians are one. Indian enemies are trying to divide all Indians but they will never succeed in their operation. “kitne baaju kitne sar ginle dushman dhyaan se haarega woh har baazi jab khelein ham jee-jaan se”. Jai Hind.

Wednesday, 15 August 2012

"HAPPY INDEPENDANCE DAY"? WHY???..

Whenever anyone greet on 15 August “Happy independence day”; a pain burst out in my heart. Did we really get freedom? If you are celebrity or belong to rich family, it is fine but if you are common man then it is “Unhappy Independence Day” 
for you. I think a common man did not get freedom. “PAHLE ANGREJ RAJ THA AB JUNGLE RAJ HAI”. We waste our freedom fighters sacrifice. They did not fight & sacrifices their life for today scenario but they fight to dream that our next generation will get justice which they didn’t get. If you are celebrity or your father have money power you can do anything whatever you want, in India you can never get justice but you have to buy justice. Neither anna hazare,baba ramdev nor any politician or political party can change our India. Only we “a common man” can change India. I like this “Rang De Basanati” movie last scene very much, listen music at 1.14, it is heart touching & dialogue "Zindagi jeene ke do hi tarike hote hain. Ek joh ho raha hai hone do. Bardast karte raho. Ya phir zimedari uthao usse badalne ki. Koi desh perfect nahi hota,use perfect banana padta hai" read one hindi article also here- http://hindi.in.com/latest-news/news/An-Open-Letter-To-Common-Men-Of-India-On-Independence-Day-1471752.html