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Friday, 29 April 2016

भारतीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु जी जरा यात्रियों का भी ध्यान रखिये. Respected Indian Rail Minsiter Mr. Suresh Prabhu ji, Please take care railway passengers also

आदरणीय सुरेश प्रभु जी , आपकी irctc रेल सेवा की ये कैसी सेवा की आप किसी भी आम इंसान की user id ब्लॉक कर देते हो फिर वो धक्के खाता रहे इधर उधर पर उसे कोई जवाब नहीं मिलता। आप अपने प्रचार की जगह irctc की सर्विस सुधारिये ताकि आम लोगो को परेशानी नहीं हो. ये अच्छा है की आप दलालों और काला बाज़ारी पे नकेल कश रहे हो पर आप साथ में ये भी ध्यान रखे की आम लोगो को बिना तकलीफ दिए आप काम करे. पूरी बात बताता हु क्या है, मैं वैसे ज्यादा सफर तो नहीं करता पर जब सफर करना हो तो बड़ी लाइन में लगने की बजाय irctc से घर बैठे इ-टिकट लेना बेहतर समझता हु. बात कुछ साल पहले की है मुझे कही सफर करना था तो मैंने टिकट बुक करवाने के लिए irctc पे id बनाई और टिकट बुक करवाई. मैं ज्यादा सफर नहीं करता तो मुझे वो id भी याद नहीं रही कुछ दिन बाद मुझे वापस यात्रा करनी थी तो में irctc की वेबसाइट पे गया और login के लिए id डाला तो मैसेज आया की आपकी id deactivated है मुझे लगा की शायद बहुत दिनों से मैंने id को यूज़ नहीं किया होगा इसलिए ये id डीएक्टिवेट हो गयी मैंने फॉरगेट पासवर्ड पे क्लिक करके इनफार्मेशन लेनी चाही तो वहां भी इनफार्मेशन नहीं मिली की आपका अकाउंट डीएक्टिवेट है मुझे लगा की मेरा अकाउंट डिलीट हो गया होगा और मुझे फिर से एक अकाउंट बनाना होगा जब मैंने वापस नया अकाउंट बनाने के लिए इनफार्मेशन मेरी ईमेल id और फ़ोन no डाले तो irctc की वेबसाइट बता रही थी की आपकी id और फ़ोन no. आलरेडी रजिस्टर्ड है but अकाउंट डीएक्टिवेट है, पहले तो में पूरा कंफ्यूज हो गया की ये क्या मैटर है? जब मेरी ईमेल id और मेरा फ़ोन नो. verified किया हुआ था तो इन्होने मेरी यूजर id क्यों de-activate की, मैंने फ़ोन लगाया और ईमेल किया पर कुछ जवाब ही नहीं आया मुझे जल्दी में टिकट निकालना था तो मैंने अपनी पत्नी के मोबाइल no. और उनकी ईमेल id एंटर करके नयी irctc यूजर id बनाई. वहां तक तो ठीक लेकिन कुछ दिन बाद जब मुझे वापस सफर के लिए टिकट निकालना है तो मैं मेल id ओपन कर रहा हु तो वो ओपन ही नहीं हो रही और इसे भी de-activate कर दिया गया है. मुझे कुछ समझ नहीं आया की ये क्या हो रहा है. मैं Irctc द्वारा दिए हुए no. पे फ़ोन लगाता हु तो फ़ोन ही नहीं लगता और एक बार फ़ोन लग भी गया तो उसने मुझसे फ़ोन ८ मिनट तक फ़ोन होल्ड करके रखा अंत मैं मुझे ही फ़ोन काटना पड़ा,लगभग ३०-४० रूपए इधर उधर फ़ोन लगाके खर्च हो गए और ईमेल किया तो कोई रिप्लाई ही नहीं आ रहा. अब आप बताइए अगर मुझे टिकट निकालना है तो मैं कहा से टिकट निकालू? आपने मेरी id तो बंद करा रखी है, मैंने जब गूगल पे भी सर्च करने की कोशिश की तो पता लगा की Irctc की वेबसाइट पे ऐसे ही काम होता है एक बार आपकी id को इन्होने डीएक्टिवेट कर दिया तो ये कभी एक्टिवेट नहीं हो पाती चाहे आप कितना भी कोशिश कीजिये, अभी मेरी तकलीफ ये है की ना तो मेरे पास दूसरा मोबाइल है या मेल id है जिससे मैं एक और यूजर id बना सकु और मान लीजिए अगर कही से जुगाड़ करके बना भी ली तो वापस आप कुछ दिन में वो id बंद कर दोगे और मुझे वापस परेशानी उठानी पड़ेगी, क्या मेरा यही काम है की में Irctc से टिकट खरीदने के लिए नया फ़ोन no. लेता रहु और नयी id बनाता रहु. आम लोगो को इसतरह से क्यों परेशान किया जा रहा है. ये बात मानता हु की दलाल और जाल-साजो से निपटने के लिए आपने ये व्यवश्था  की है पर इससे आम लोगो को ही तकलीफ हो रही है. दलाल तो फिर भी रोज के फ़ोन no. और ईमेल id बनाते होंगे पर बिचारे आम लोगो का क्या, वो तो ५-६ महीने में एकाध बार सफर करते है,उनको परेशान क्यों किया जाता है और जब एक बार आप फ़ोन no और मेल id verify कर देते हो फिर उसको बिना वजह डीएक्टिवेट करने का क्या मतलब? परेशानी सिर्फ इतनी ही नहीं है प्रभु जी अभी मैंने २ महीने पहले सफर किया तो में अपनी पत्नी,२ छोटे बच्चे और वृद्ध माँ के साथ जैन तीर्थ मोहनखेड़ा(मध्य प्रदेश) गया. टिकट लिया तो कुछ वेटिंग लिस्ट था मुझे लगा कन्फर्म हो जाएगा. जैसे ही वेटिंग चार्ट बना तो परेशान हो गया की हमारी ५ सीटों में से कोई भी सीट साथ-साथ नहीं थी कोई S-2 में थी तो कोई S-८ मे एक आध सीट इधर उधर होती तो बात समझ आती और एडजस्टमेंट कर लेते लेकिन यहाँ तो सारी सीट्स इधर उधर थी. सोचा की चलो ट्रैन में यात्रियों से रिक्वेस्ट करके कुछ सीट्स की एडजस्टमेंट कर लेंगे पर वहां भी लोगो को यही तकलीफ, वेटिंग वाले किसी की टिकट साथ मे नहीं थी और कुछ अड़ियल यात्री ऐसे जो सीट्स की एडजस्टमेंट को तैयार ही नहीं, अब मैं बच्चों को अलग भेजकर या अपनी ओल्ड एज्ड माँ को कहा दूसरे दूर डिब्बे में भेजु. और यही परेशानी वापस आने में भी हुई, यात्रा इतनी बुरी रही की हमारे पुरे ५ टिकट होने के बावजूद हम नहीं सो पाये और २ सीट्स पे ही पुरे दिन बैठना पड़ा अब मैं बच्चों और माँ को तो अकेले दूसरे दूर डिब्बों में नहीं भेज सकता. इस तरीके की मुसीबत आज तक पहले कभी नहीं हुई हर बार मुझे वेटिंग लिस्ट के बाद कन्फर्म टिकट्स पुरे परिवार के साथ एक ही लाइन मे मिलते थे, अबकी बार ऐसा हुआ और मेरे साथ ही नहीं कई दूसरे यात्री भी इसी तरह परेशान हुए. बताया गया की अभी भारतीय रेल ने नया सॉफ्टवेयर अपडेट किया है तो टिकट्स ऐसे ही कन्फर्म होते है. बड़ी मुसीबत ये है की वेटिंग लिस्ट के बाद सीटों की जानकारी यात्रा करने के सिर्फ २ घंटे पहले ही मिलती है तो इतनी जल्दी यात्रा भी कैंसिल नहीं कर सकते. प्रभुजी कृपया आप ये देखिये की ऐसे क्यों हो रहा है, यात्रियों को बिना परेशानी सफर करवाना आपकी जवाबदेही है और आपने तो ऐसा सॉफ्टवेयर अपडेट कर दिया है की जो बिचारे फैमिलीवाले लोग है उनकी मुसीबतें कई गुना बढ़ा दी है. रोज आपके बड़े-बड़े आर्टिकल्स मीडिया में पढता हु टीवी पे देखता हु, रोज आप लाखो-करोड़ो रूपए अपनी प्रशंशा पे खर्च करवा रहे है, उसकी कोई बात नहीं आप मंत्री है तो ये तो करेंगे ही पर प्लीज एक आपसे विनती है की आप आम लोगो का भी थोड़ा ध्यान रखिये और उनको परेशान मत होने दीजिये और ऐसे एक्सपेरिमेंट्स मत कीजिये जिससे आम और फैमिली क्लास वाले लोगो की यात्रा दूभर हो जाए. धन्यवाद. भारत मत की जय.